1. सक्रिय और शांत क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीकरण:
व्यवस्था रणनीतिक रूप से सक्रिय खेल क्षेत्रों को शांत क्षेत्रों से अलग करती है, जिससे बच्चों का ध्यान केंद्रित रहता है और एक सुरक्षित, सामंजस्यपूर्ण वातावरण बना रहता है।
2. प्रामाणिक परिदृश्य निर्माण:
भूमिका निभाने के क्षेत्र वास्तविक जीवन की सामाजिक परिस्थितियों का अनुकरण करते हैं, जिससे बच्चे आत्मसात करने वाले अनुभवात्मक सीखने के माध्यम से सामाजिक समझ विकसित कर सकें।
3. लचीली और अनुकूलनीय व्यवस्था:
अधिकांश फर्नीचर और शिक्षण उपकरण गतिशील और पुनः व्यवस्थित करने योग्य हैं, जो पाठ्यक्रम की बदलती आवश्यकताओं और गतिविधियों का समर्थन करने के लिए गतिशील पुनः व्यवस्था की अनुमति देते हैं।
4. विकासात्मक प्रगति का दृश्यीकरण:
प्रदर्शन और शारीरिक प्रशिक्षण क्षेत्र दृश्य रिकॉर्ड के रूप में कार्य करते हैं, जो विकास के विभिन्न चरणों में बच्चों की उपलब्धियों और शारीरिक मील के पत्थरों को ट्रैक करते हैं।
5. घर-विद्यालय सहयोग की एक पुल:
माता-पिता के प्रतीक्षा क्षेत्र से बातचीत की पारदर्शिता बढ़ती है और शैक्षिक दर्शन के संचार के लिए एक मंच प्रदान करता है, जो एक सुसंगत घर-विद्यालय साझेदारी को बढ़ावा देता है।
भूमिका निभाने का क्षेत्र - रेस्तरां
② भूमिका निभाने का क्षेत्र - बिक्री क्षेत्र
③ भूमिका निभाने का क्षेत्र - कॉफी शॉप
④ अभिभावक प्रतीक्षा क्षेत्र
⑤ ब्लॉक निर्माण क्षेत्र
⑥ कार्य प्रदर्शन क्षेत्र
⑦ शारीरिक प्रशिक्षण क्षेत्र
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